अल्फ़ाज़- ए - इश्क़




           अल्फ़ाज़- ए - इश्क़

ये खाली दिल लेकर कहां जाओगे,
जहां जाओगे खुद को गुमनाम ही पाओगे ।

ये जहां बहोत खूबसूरत है,
फिर इसे अपनी नज़रों से किसे दिखाओगे ।

मानता हूं अजनबियों से भरा है ये दिल का शहर ,
तो यहां तुम अपना किसे बनाओगे ।

          Adarsh kumar

@alphaz_mere

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